भारत से दुबई/UAE में कानूनी नौकरी पाने के 7 कदम: ट्रेड का सबूत, लाइसेंसी एजेंसी, ऑफर लेटर, MOHRE वर्क परमिट, eMigrate क्लीयरेंस और Emirates ID।
दुबई और UAE में किन कामों की मांग है?
कंस्ट्रक्शन (मेसन, कारपेंटर, स्टील फिक्सर), MEP (इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, AC टेक्नीशियन), ड्राइवर, वेल्डर-फैब्रिकेटर, होटल-रेस्टोरेंट स्टाफ और हेल्पर। उसी ट्रेड में आवेदन करें जिसका आपके पास असली अनुभव है, क्योंकि ट्रेड टेस्ट में यही जांचा जाता है।
दुबई में नौकरी पाने के 7 कदम
- अपने काम का सबूत तैयार रखें: अनुभव प्रमाण पत्र, ITI या स्किल सर्टिफिकेट, और अपने काम की फोटो या वीडियो।
- पासपोर्ट चेक करें: पासपोर्ट 6 महीने से काफी ज्यादा वैध होना चाहिए। ECR पासपोर्ट है तो उत्प्रवास क्लीयरेंस (eMigrate) भी लगेगी।
- सिर्फ MEA लाइसेंसी एजेंसी से आवेदन करें: एजेंसी का RA लाइसेंस नंबर emigrate.gov.in पर खुद जांचें।
- इंटरव्यू या ट्रेड टेस्ट पास करें: चयन के बाद ऑफर लेटर मिलेगा, जिसमें सैलरी, ड्यूटी घंटे, खाना, रहना और टिकट की शर्तें लिखी होनी चाहिए।
- वर्क परमिट और एंट्री परमिट: UAE की कंपनी MOHRE (UAE मानव संसाधन मंत्रालय) से आपका वर्क परमिट और एंट्री परमिट (एम्प्लॉयमेंट वीजा) निकालती है।
- भारत में क्लीयरेंस: ECR पासपोर्ट पर एजेंसी eMigrate पोर्टल पर आपका कॉन्ट्रैक्ट दर्ज करके POE क्लीयरेंस लेती है। प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) का बीमा भी जरूरी है।
- UAE पहुंचने के बाद: मेडिकल फिटनेस टेस्ट, Emirates ID के लिए फिंगरप्रिंट, और फिर रेजिडेंस वीजा लगता है।
कितना खर्च आता है?
भारत के उत्प्रवास नियमों के अनुसार लाइसेंसी एजेंसी उम्मीदवार से अधिकतम ₹30,000 (+ GST) सर्विस चार्ज ले सकती है और उसकी रसीद देना जरूरी है। कई नौकरियों में कोई चार्ज नहीं होता। Krewex पर हर नौकरी के पेज पर उस वैकेंसी का शुल्क लिखा रहता है।
इन गलतियों से बचें
- विजिट या टूरिस्ट वीजा पर काम ढूंढने UAE न जाएं।
- पासपोर्ट किसी के पास गिरवी न रखें और बिना रसीद कैश न दें।
- ऑफर लेटर और कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी अपने पास और परिवार के पास रखें।
मदद कहां मिलेगी?
दुबई में भारतीय कॉन्सुलेट या अबू धाबी में भारतीय दूतावास से संपर्क करें, या भारत सरकार के MADAD पोर्टल (madad.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें।